गलीचा उत्पादकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय जेनेरिक मानक
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गुडवीव एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जो कालीन उद्योग में बाल मजदूरी को रोकने के लिए काम करता है और दूसरे क्षेत्रों में भी अपनी बाजार आधारित पहल को दोहरा रहा है। बाल मजदूरी की समस्या वयस्कों के काम के हालात और पर्यावरण प्रबन्धन के साथ जुड़ी हुई है। इस बात को समझकर गुडवीव सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टि से जिम्मेदार ढंग से बने गलीचों के उत्पादन,लेबलिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा देती है।

गुडवीव का प्रमाणीकरण लेबल उन गलीचा उत्पादकों को दिया जाता है जो गुडवीव के मानकों का पालन करते हैं,स्वतन्त्र प्रमाणन के लिए तैयार होते हैं और एक लाइसेन्सी के रूप में स्वेच्छा से शामिल होते हैं।

गलीचा उत्पादकों के लिए गुडवीव जेनेरिक अन्तर्राष्ट्रीय मानक (मानक) उन सभी देशों के लाइसेंसी निर्यातकों पर लागू होता है जहां गुडवीव काम करती है।

गुडवीव अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार और श्रम कानूनों, खासतौर पर आईएलओ (अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन) के करार 138(न्यूनतम आयु) और करार 182 (बाल मजदूरी के बुरे प्रकार)और इसके साथ-साथ इन मानकों को लागू करने में संयुक्त राष्ट्र संघ के बाल अधिकार पर करार के निर्देशन में काम करती है। सर्वश्रेष्ठ अन्तर्राष्ट्रीय मानकों का बेहतरीन ढंग से पालन करने के लिए गुडवीव अन्तर्राष्ट्रीय सामाजिक और पर्यावरणीय प्रमाणन एवं लेबलिंग संघ का पूर्ण सदस्य है और बेहतर कार्यप्रणाली की आईएसईएल मानक सेटिंग कोड की आवश्यकताओं को पूरा करती है।

उद्देश्यः

मोटे तौर पर मानक के लक्ष्य हैं:-

-*गलीचा उद्योग में बाल मजूदरी, बाध्य मजदूरी और बंधुआ मजदूरी को समाप्त करने के लिए मानक का पालन कराना और प्रभावी और दीर्घकालिक उपायों की प्रक्रिया को अपनाना।

*एक अनुकूल और संगत मानक उपलब्ध कराना जो अलग-अलग उत्पादक पद्धतियों को ध्यान में रखते हुए सभी गलीचा उत्पादक देशों में लागू हो सके।

*गलीचा उत्पादक देशों में काम की परिस्थितियों की पारदर्शी निगरानी और सत्यापन की सुविधा उपलब्ध कराना।

*समुदाय में सकारात्मक परिवर्तन को प्रोत्साहित करनाखासतौर पर बाल मजदूरी, बाध्य मजदूरी और बंधुआ मजदूरी में कमी लाना और बाल शिक्षा के विस्तार को बढ़ावा देनाऔर

*पूरी दुनिया के गलीचा उत्पादकों के लिए एक स्वतंत्र प्रमाण (लेबल) उपलब्ध कराना कि उत्पादक गुडवीव के मानकों को पूरा करते है।

इन उद्देश्यों में सहयोग के लिए तीन प्रमाणीकरण सिद्धान्त हैं और उनसे जुड़ी हुए प्रमाणीकरण आवश्यकताएं है जो मानक के खण्ड ए में दी गयी हैं।

गुडवीव का यह भी लक्ष्य है कि बाल मजदूरी के मूल कारणों से निबटने के लिए अन्य बुनियादी मानवाधिकारों को कार्य क्षेत्र में बढ़ावा दिया जाए और गलीचा मजदूरों के जीवन और काम के हालात और पूरे गलीचा उद्योग में एक सकारात्मक असर लाया जाए। खण्ड बी में दिए हुए विकास सिद्धान्तों को इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए ही बनाया गया है। लेकिन यह नोट किया जाना चाहिए कि ये गुडवीव प्रमाणीकरण के वर्तमान क्षेत्र से बाहर हैं और समय के साथ बढ़ते सुधारों को प्रोत्साहित करने के लिए हैं।

गुडवीव उत्पादकों का इन विकास नियमों के आधार पर हर साल आकलन करेगी ताकि मानक में आगे चलकर अतिरिक्त प्रमाणीकरण नियमों को शामिल करके और आगे बढ़ाने की संभावनाओं की निगरानी की जा सके।

कार्य क्षेत्रः

यह मानक एक उत्पादन मानक है और उन परिस्थितियों से जुड़ा हुआ है जिनके अंतर्गत उत्पाद बनाया जाता है। यह फैक्टरी में बनने वाले गलीचा उत्पादन प्रक्रिया,घरेलू काम और ग्राम-आधारित गृह उद्योग की परिस्थितियों पर लागू होता है। यह बाल मजदूरी के सम्बन्धित मामलों से तीन प्रमाणीकरण सिद्धांतों के तहत निबटता है,जिसमें मानकों की अनुपालना परखने के लिए पारदर्शिता की जरूरत होती है। यह एक जेनेरिक मानक है जो सब देशों और अलग-अलग क्षमता के आकारों और स्तरों के उत्पादन क्षेत्रों पर लागू होता है।

स्थानीय उत्पादन परिस्थितियों और कार्य क्षेत्रों में अन्तर होने के कारण गुडवीव मानकों को लागू करने के सम्बन्ध में मार्गदर्शन भी करेगा।

यह मानक उन सभी श्रमिकों और कार्य क्षेत्रों को समेटता है जहां गलीचे या कालीन का उत्पादन होता है। यह गलीचा या कालीन बनाने के सभी चरणों पर लागू होता है।इसमें कच्चा माल प्राप्त करने से लेकर बने हुए उत्पाद तक की सभी प्रक्रियाएं शामिल हैं और इसमें खासतौर पर सभी उपअनुबन्धनीय/उपठेकेदारी प्रक्रियाएं शामिल हैं।  

उत्पादक उपनिबन्धकों/उपठेकेदारों द्वारा किए जा रहे काम के लिए जिम्मेवार होगा और उसे आपूर्ति श्रृंखला के सभी स्तरों पर मानक की अनुपालना की निगरानी के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

मानक के क्षेत्र में कच्चा माल उपलब्ध कराने वाले वाली श्रृंखला नहीं आती है। मानक की सीमा वहीं तक है जहां तक उत्पादक और उसके उपठेकेदार सीधे तौर पर जिम्मेवार हैं।

- जहां उत्पादन के लिए कच्चा माल बुना हुआ और रंगा हुआ खरीदा जाता है वहां मानक फैक्टरी में प्रवेश से लागू होता है। यदि ये प्रक्रियाएं उत्पादक और उसके उपठेकेदारों की उत्पाद सुविधाओं में आती है तो ये इसकी सीमा में आयेगी।

- जहां सभी प्रक्रियाएं क्षैतिज एकीकृत उत्पादन क्षेत्रों में पूरे किए जाते हैं,और दूसरे क्षेत्रों जहां उपठेकेदारों का इस्तेमाल होता है,वहां इसके अन्तर्गत मूल जगह के साथ-साथ उपठेकेदारी के सभी बुनाई और गीला करने की प्रक्रियाएं आती हैं।

मानक के पालन का उत्तरदायित्वः

उत्पादक को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे खुद और उनके उपठेकेदार गुडवीव मानके के बारे में जानते हों और उसका पालन करें।

मानक के पालन की जिम्मेदारी खुद उत्पादक (लाइसेन्सी और उसके उपठेकेदार) की होगी।

जहां घरेलू काम किया जा रहा है,वहां वह ठेकेदार जिसने घर पर काम करने वाले श्रमिकों को नियुक्त किया है,वही आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उत्तरदायी होगा।

मानक का इस्तेमाल करने वाले उत्पादकों से मिले हुए सुझावों के आधार पर ही गुडवीव तय करेगा कि क्या उसे लागू करने में सहायता के लिए उत्पादक तकनीकी सहायता या क्षमता संर्वधन कार्यक्रमों की जरूरत है।

आपूर्ति श्रृंखला के सभी पक्ष मानक की सफलता के लिए जिम्मेवार होंगे।लेकिन इन जिम्मेवारियों का विवरण देना मानक का काम नहीं है।

गुडवीव मानक के विशेष आयामों को लागू करने के लिए उससे जुड़ा हुआ मार्गदर्शन और नीतियां उपलब्ध कराएगी। (उदाहरण उपचारात्मक उपाय और घरेलू काम करने वालों के लिए दिशा-निर्देशन)

इससे यह सुनिश्चित होगा कि मानकों को लागू करने से जुड़े हुए सभी पक्ष अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों को ठीक से जानें।

गुडवीव प्रमाणीकरण लेबलः

गुडवीव का प्रमाण प्राप्त करने के लिए निर्यातकों को गुडवीव से लाइसेंस लेना होगा और उत्पादकों व आपूर्ति श्रृंखला के उनके उपठेकेदारों को मानक की आवश्यकताओं/अहर्ताओं का पालन करना होगा। इन आवश्यकताओं के पालन में नाकामी को मानक का उल्लंघन (गैर-अनुपालना) माना जाएगा। मानक की गैर-अनुपालना को उत्पादक द्वारा ही ठीक करना पड़ेगा,अन्यथा उसे ठीक न करने की दशा में गुडवीव प्रमाणीकरण लेबल को इस्तेमाल करने का लाइसेंस निलम्बित या निरस्त हो जाएगा।

लाइसेंसी निर्यातकों को प्रमाणीकरण लेबल का इस्तेमाल करने के लिए चालू दरों के आधार पर सभी लागू शुल्क/फीस देनी होंगी।

गुडवीव इंटरनैशनल प्रमाणीकरण प्रभाग ही प्रमाणीकरण से जुड़े हुए सभी निर्णय लेगा जिसमें नए लाइसेंसों के आवेदनों का अनुमोदन, गैर-अनुपालना के मामलों में सुधारात्मक उपाय और लाइसेंसों का नवीनीकरण शामिल है।

मानक संरचनाः

मानक को निम्न प्रकार से बनाया गया है:-

. प्रमाणीकरण सिद्धांत - मानक तीन प्रमाणीकरण सिद्धांतों पर आधारित है जिसमें बाल मजदूरी,बाध्य और बंधुआ मजदूरी और अनुपालना का सत्यापन करने के लिए पारदर्शिता शामिल है।

प्रत्येक सिद्धांत/नियम में प्रमाणीकरण की जरूरतों से जुड़े हुए स्पष्टीकरण हैं। प्रमाणीकरण सिद्धांतों को ए1 से ए3 तक की संख्याएं दी गयीं हैं।

प्रमाणीकरण आवश्यकताएं/ अहर्ताए-

प्रत्येक प्रमाणीकरण सिद्धांत कई आवश्यकताओं पर निर्भर है। ये सिद्धांतों की अनुपालना के संकेतक हैं जो उत्पादक को मानक के पालन के लिए मानने होंगे।

ब. प्रगति सिद्धांत - प्रमाणीकरण की आवश्यकताओं के साथ-साथ,गुडवीव उससे जुड़े हुए श्रम अधिकार और पर्यावरणीय प्रभावों के विस्तृत पैमाने पर प्रगति को मापने का मानदण्ड भी बनाती है। यह प्रगति वर्तमान में प्रमाणीकरण के क्षेत्र से बाहर है लेकिन गुडवीव भविष्य में मानक का संशोधन होने पर उन्हें भी शामिल करने का इच्छुक है।

गुडवीव उत्पादकों का इन प्रगति सिद्धातों के लिए मूल्यांकन करेगा ताकि सुधार की जरूरत वाले क्षेत्रों की पहचान हो सके। प्रगति सिद्धातों को बी1 से बी4 नम्बर दिए गए हैं।

अनुसूचियां-

बाल मजदूरी के निवारण और उपचारात्मक उपायों के सम्बन्ध में दिशा निर्देश - उत्पादकों के लिए आपूर्ति श्रृंखला में बाल मजदूरी से निबटने और उसके निवारण के लिए उठाए जा सकने वाले कदमों और बाल मजदूरी के उपचारात्मक उपायों में गुडवीव की भूमिका के सम्बन्ध में उपयोगी जानकारी।

प्रगति सिद्धांत मानदण्ड - यह सिर्फ जानकारी के लिए शामिल किए गए है ताकि भविष्य में प्रमाणीकरण में शामिल किए जाने वाले मानदण्डों की योजना के बारे में संकेत मिल सके। इसे अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है और गुडवीव इसका शुरूआती प्रारूप बनाने के लिए उत्पादकों के साथ इन मानदण्डों को भविष्य के प्रमाणीकरण में शामिल करने के लिए काम कर रहा है,मूल्यांकन और संशोधन कर रहा है।  

प्रमाणीकरण सिद्धांत/नियम

ए-1 बाल मजदूरी निषेध हैः-

स्पष्टीकरण: उत्पादक न तो बाल मजदूरी में लगेगा न ही इसके उपयोग को बढ़ावा देगा। बाल मजदूरी का मतलब कोई भी ऐसा भी काम जो बच्चे की सेहत या विकास के लिए हानिकारक हो,या उसकी स्कूल में उपस्थिति,उसके योग्य एथारिटी द्वारा मान्यता प्राप्त व्यसायिक या प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने या वहां से प्राप्त सुझावों का लाभ उठाने पर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।

जहां राष्ट्रीय या अन्तर्राष्ट्रीय करारों द्वारा काम करने या नियुक्त होने की उम्र गुडवीव के मानक से कम निर्धारित कर रखी हो, उपरी आयु सीमा को माना जाएगा।

जहां बच्चे अपने माता-पिता की घर पर स्कूल के बाद या छुट्टियों में सहायता करते हैं तो उसे निम्नलिखित परिस्थितियों में बाल मजदूरी नहीं मान जाएगाः

बच्चे का काम उसकी स्कूल में हाजिरी को खतरे में नहीं डालेगा और इतना भारी नहीं होगा कि उसके शिक्षा प्राप्त करने को ही पीछे छोड़ दे।

काम बच्चे के सामाजिक,नैतिक या शारीरिक विकास को खतरे में नहीं डालेगा और बच्चे की सेहत के लिए खतरा नहीं बनेगा।

बच्चे के खुद के परिवार का एक व्यक्ति बच्चे को देखेगा और मार्गदर्शन करेगा।

सभी काम कम-से-कम आईएलओ (138 और 182) करार और राष्ट्रीय कानून के अनुरूप होने चाहिए।

गुडवीव साथ ही ये भी सुझाव देता है कि काम शुरू करने की आयु क्रमिक रूप से 14 से 15 साल की जाए। घरेलू काम के बारे में आइएलओ करार 177 भी घरेलू काम करने की परिस्थतियों के मानक पर पूरी तरह लागू होता है।

उत्पादक श्रमिक की उम्र सत्यापित करने के लिए उम्र बताने वाले सभी उपलब्ध फार्म और प्रपत्र (जिसमें जन्म प्रमाण पत्र,दंत चिकित्सक की रिपोर्ट शामिल है) प्रयोग करेगा। जहां बाल मजदूरी पायी जाएगी, वहां उपचारात्मक को अपनाया जाएगा और न तो नए बच्चों की भर्ती की जाएगी, न ही उनको बदला जाएगा।

प्रमाणीकरण अहर्ताएं/ आवश्यकताएं-

ए-1.1 साल से कम उम्र के बच्चों को नियुक्त करने या काम करने की आज्ञा नहीं होगी।

(जहां राष्ट्रीय कानून सीमा या अनिवार्य शिक्षा की आयु 14 साल से ऊपर होगी वहां उपरी वाली आयु सीमा मानी जाएगी।)

ए-1.2 उत्पादक नोटिस लगाएगा जिसमें साफ लिखा होगा कि वो कालीन के उत्पादन में बाल मजदूरी की अनुमति नहीं देंगे।

ए-1.3उत्पादक श्रमिकों/काम करने वालों की उम्र सत्यापित करे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी बच्चे को गैरकानूनी रूप से नियुक्त न किया गया हो या काम करने की अनुमति नहीं दी गयी हो।

ए-1.4 जहां बाल मजदूरी पायी जाए वहां उपचारात्मक प्रक्रियाएं अपनायी जाएं। बाल मजदूरी पाए जाने पर उत्पादक गुडवीव या/और स्थानीय तौर पर चलाए जा रहे उपचारात्मक उपायों के साथ काम करेंगे।

स्पष्टीकरण:15 से 18 वर्ष के बीच के बच्चे भी युवा श्रमिकया युवा व्यक्ति कहे जाएंगे और कुछ तरह के काम करने की अनुमति नहीं होगी,जैसे खतरनाक काम। यह अंतर्राष्ट्रीय मानदण्डों के अनुरूप होगा जिसमें बाल अधिकारों पर आईएलओ करार और यूएन (संयुक्त राष्ट्र संघ) करार शामिल है।

जहां राष्ट्रीय कानून में युवा श्रमिकों की आयु कम है वहां ऊंचे सीमा ही मानी जाएगी।

जहां स्थानीय अनिवार्य शिक्षा कानून के अंतर्गत आने वाले युवा श्रमिक नियुक्त करे जाएं या उनको काम करने की अनुमति दी जाए वहां उत्पादक इस बात को सुनिश्चित करेगा कि कोई भी ऐसा युवा व्यक्ति स्कूल के समय में या स्थानीय कानून द्वारा प्रतिबन्धित किए हुए दिन काम नहीं करेगा। और यातायात व काम में लगा कुल समय स्थानीय कानून में दिए गए अधिकतम समय से ज्यादा नहीं हो।

उत्पादक बच्चों या युवा श्रमिकों श्रमिकों को ऐसी परिस्थितियों में नहीं रखेगा जो उनके लिए शारीरिक, मानसिक या नैतिक रूप से खतरनाक, असुरक्षित या अस्वास्थ्यकर हों। इसमें श्रमिकों के बच्चे भी शामिल हैं जो फैक्टरी परिसर में या काम की जगह पर नियमित रूप से आते हैं।

प्रमाणीकरण आवश्यकताएं :-

ए-1.5 एक रजिस्टर होगा जिसमें 18 साल से कम के युवा श्रमिकों की उम्र और उनके द्वारा किया जा रहा काम दर्ज होगा। युवा श्रमिकों के लिए सभी कानूनी आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा और 18 साल से कम के बच्चों को काम देने की सभी कानूनी जरूरतों का पालन किया जाएगा और स्थानीय और राष्ट्रीय कानूनों और नियमों और अन्तर्राष्ट्रीय करार का पालन करते हुए पूरे कागजात रखे जाए।

ए-1.6 युवा श्रमिकों द्वारा किए जा रहे कामों की सूची प्रस्तुत की जाएगी,जिसमें खतरे की संभावनाओं को पहचाना जाएगा ताकि ये सुनिश्चित हो सके कि युवा श्रमिक खतरनाक कामों में नहीं लगें।

ए-1.7 उन युवा श्रमिकों के लिए एक शैक्षिक/नियुक्ति योजना हो जो अनिवार्य शिक्षा कानून के अन्तर्गत आते हैं ताकि काम उनके स्कूल जाने में हस्तक्षेप न करे।

स्पष्टीकरण: जहां काम घरों में हो रहा है (घरेलू काम) वहां बच्चे इस नियम के तहत आते हैं। इस स्पष्टीकरण की इन परिस्थितियों में आवश्यकताओं की पूर्ति उत्पादक पर होगी जिसने घरेलू काम करने वाली इकाई को ठेका दिया है।

गुडवीव इस नियम/सिद्धांत को लागू करने में सहायता करने के लिए घरेलू काम के लिए दिशा निर्देशन भी देगा।

उत्पादक या ठेकेदार में जो भी संभव हो स्थानीय समुदाय के साथ सहयोग करके सामाजिक मानदण्डों को स्थापित करने, सही कामों को बढ़ावा देने और/या काम कर रहे संस्थानों में अपना योगदान देने के लिए आगे बढ़कर काम करेगा।

प्रमाणीकरण आवश्यकताएं-

ए-1.8 जहां घरों में काम हो रहा है,घरेलू श्रमिकों को काम के घंटों और बच्चों या युवा व्यक्तियों द्वारा करवाए जा सकने वाले काम के प्रकारों के बारे जागरुक बनाया गया है, और काम की जगह में बच्चों के लिए खास तरह के खतरों के बारे में बताया गया है।

ए-1.9 जहां स्थानीय अनिवार्य शिक्षा के अन्तर्गत आने वाले बच्चे और युवा श्रमिक घर पर काम करते हैं वहां ठेकेदार को दिखाना होगा कि किसी भी बच्चे या युवा व्यक्ति को स्कूल के समय में काम करने की अनुमति न दी जाए।

स्पष्टीकरण सिद्धांत/नियमः

ए-2 बाध्य या बंधुआ मजदूरी की आज्ञा नहीं होगी

स्पष्टीकरण: किसी को जबरदस्ती या किसी और तरह से काम के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। यह काम कम-से-कम सम्बन्धित आईएलओ मानकों (सी29 और सी105)और राष्ट्रीय कानून के अनुसार होंगे।

उत्पादक श्रमिकों के साथ काम के नियम व शर्तों के बारे में किए हुए समझौते,जहां तक संभव हो लिखित रूप में, को सही जगह पर रखेगें। मौखिक समझौते को श्रमिकों के साक्षात्कार या अन्य उपलब्ध प्रपत्रों जैसे वेतन रिकार्ड,सामान्य नियम व शर्तें या खुले में दिखाए गए काम के विवरण से सत्यापित किया जाएगा।

श्रमिकों को काम के एवज में धनराशि जमा कराने या पहचान पत्रों को जमा कराने की जरूरत नहीं होगीऔर वो एक उपयुक्त और सहमतिनुसार नोटिस देने की अवधि के अनुसार नौकरी/काम किसी भी मानक कार्य दिवस के बाद छोड़ने के लिए स्वतंत्र होंगेऔर मानक कार्य दिवस के बाद किसी भी समय कार्य स्थल से जाने के लिए स्वतन्त्र होंगे।

उत्पादक श्रमिकों को काम पर लगाए रखने के लिए किसी भी प्रकार के मानसिक या शारीरिक उपायों से परहेज करेगा।

उत्पादक श्रमिकों को ऐसी दरों पर कर्ज नहीं देगा जिससे वो कठिनाई में पड़ जाएं और उन्हें नौकरी/काम से बंधना पड़े (प्रगति सिद्धांत वेतन भी देखें)।

उत्पादक से लिए हुए कर्जे को चुकाने के लिए न तो वेतन को रोका जाएगा न ही काम करने के लिए मजबूर किया जाएगा। सामान के रूप में भुगतान की तभी अनुमति होगी जब वह काम के बदले दिए जाने वाले वेतन का आंशिक भाग होगा और कानून द्वारा मान्य होगा। ऐसे भुगतानों का सही से मूल्यांकन होना चाहिए और श्रमिक तथा उसके परिवार के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त होना चाहिए। यदि श्रमिकों की नियुक्ति दलाल द्वारा की गयी है तो तो यह आवश्यकताएं नियोक्ता या ठेकेदार को पूरी करनी होंगी।

प्रमाणीकरण आवश्यकताएं

ए-2.1-श्रमिकों को जबरन या किसी और प्रकार से काम के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।

    • श्रमिक उचित और आपसी सहमति से बने हुए नोटिस अवधि के बाद बिना किसी जुर्माने के नौकरी छोड़ सकते हैं।
    • मानक कार्य दिवस के बाद श्रमिक कभी भी कार्य क्षेत्र को छोड़ कर जा सकते हैं।
    • श्रमिकों को काम के एवज में किसी भी प्रकार की धनराशि जमा नहीं करनी होगी न ही पहचान प्रपत्रों को जमा करना होगा।

ए-2.2- उत्पादक नौकरी के नियम व शर्तों के एक लिखित या मौखिक समझोते को जगह पर रखेगा,जिस भी रूप में परिस्थतियों के अनुसार सबसे उपयुक्त हो। जहां श्रमिक निरक्षर हों या उत्पादक द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा नहीं समझते हों तो उनको समझ आने वाले रूप में उसका वर्णन करके दिया जाए।

ए-2.3- श्रमिकों को कर्ज के द्वारा नौकरी करने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा और हरेक की तनख्वाह का साफ-साफ रिकार्ड रखा जाएगा,जिसमें सामान के रूप में भुगतान (यदि कोई हो तो) और कंपनी द्वारा दिए गए कर्ज का भुगतान शामिल होगा।

प्रमाणीकरण सिद्धांत

ए-3 व्यापारिक प्रक्रियाओं के पूरे कागजात रखे जाएंगे और उनको सत्यापित किया जा सके

 

स्पष्टीकरण: उत्पादक जो भी व्यापारिक गतिविधि करें वह गुडवीव के प्रति पारदर्शी हो और सभी स्थानीय और राष्ट्रीय कानून और नियमों के अनुरूप हो। निर्यातकों को गुडवीव की सभी जरूरतों को पूरा करना चाहिए जिसमें शामिल है:-

  • कंपनी के रजिस्ट्रेशन और कर (जो भी लागू हो) के कागजात पूरे हों।
  • लाइसेंस से जुड़ी हुई गुडवीव की सभी फीस पूरी तरह जमा की हो।

लाइसेन्सधारी उत्पादन प्रक्रिया के लिए एक पूरी तरह पता लगाई जा सकने वाली आपूर्ति श्रृंखला को दिखा सके और सभी उत्पादन क्षेत्र गुडवीव के पास रजिस्टर हों। ऐसे मामले में जहां उत्पादक सीधे-सीधे या किसी ठेकेदार के माध्यम से घरेलू काम करने वाले श्रमिकों को मजदूरी पर रख रहा हो तो और भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए (जैसे गांव का नाम,परिवार की सदस्यों की संख्या और हर घर में बच्चों की संख्या)। घरेलू काम के मामले मेंउत्पादक (उत्पादक या ठेकेदार) जिसने इकाई को काम का ठेका दिया है,प्रत्येक घरेलू इकाई से सम्बन्धित प्रमाणीकरण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जिम्मेवार होगा।

उत्पादक को निगरानी दौरों के समय उत्पादक क्षेत्रों और सम्बन्धित कागजात और स्टाफ की बिना किसी पूर्व सूचना के निरीक्षण की अनुमति देनी होगी।

सिद्धांत ए1-ए3 के स्पष्टीकरण की अनुपालना का सत्यापन करने वाले सभी आवश्यक रिकार्ड और कागजात प्रमाणीकरण के लिए आवश्यक होंगे। उत्पादक को यह भी सुझाव दिया जाता है कि प्रगति सिद्धांत बी-1 व बी-4 से जुड़े हुए अन्य अतिरिक्त कागजात भी ठीक से रखेया जहां इनकी कमी हो तो उनको बनाए।

उत्पादकों को यह बात सुनिश्चित करनी होगी कि मानक के अन्तर्गत आने वाले सभी श्रमिकों को इसके अंदर आने वाली सभी बातों ओर उनको लागू करने की पूरी जानकारी हो और इस उद्योग में सुधार के लिए जानकारी का आदान-प्रदान करें।

प्रमाणीकरण आवश्यकताएं:-

ए-3.1- उत्पादक सभी उत्पादन प्रक्रियाओं के लिए पूरी तरह देखी जा सकने वाली आपूर्ति को प्रदर्शित करेंगे

ए-3.2  सभी उत्पादन क्षेत्र गुडवीव से मान्यता प्राप्त/रजिस्टर्ड होंगे जिसमें पूरे गलीचा निर्माण की प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली खास चीजों के लिए व्यक्तिगत हथकरघे और उपठेकेदार भी शामिल हैं। केवल गुडवीव से रजिस्टर्ड उत्पादन क्षेत्रों का इस्तेमाल होगा।

ए-3.3 सत्यापन दौरों के समय सम्बन्धित कागजात और स्टाफ को दिखाया जाएगा।

ए-3.4 गुडवीव द्वारा मान्यता प्राप्त स्टाफ को उत्पादन क्षेत्रों के बिना किसी पूर्वसूचना के निरीक्षण की अनुमति होगी।

ए-3.5 सत्यापन दौरों के समय श्रमिकों का गुप्त साक्षात्कार लेने की सुविधा होगी।

गुडवीव ने यह पता लगाया है कि बाल मजदूरी की समस्या वयस्कों के काम के हालात और पर्यावरण प्रबन्धन से जुड़ी हुई है। कालीन बुनने वाले समुदाय में बच्चों और परिवार की अच्छी सेवा करने के लिए गुडवीव ने एक विस्तृत मानदण्ड विकसित किया है जो बाल मजदूरी से निबटने के लिए इसके मूल कारण तक पहुंच कर बुनाई समुदाय के जीवन में सुधार करता है।

निम्नलिखित प्रगति सिद्धांत वर्तमान प्रमाणीकरण के लिए आवश्यक नहीं हैं। लेकिनगुडवीव इन मामलों से निबटने के लिए उत्पादक से लेकर पूरी आपूर्ति श्रृंखला के सभी पक्षों के साथ सक्रिय रूप से काम करने के लिए समर्पित है।

प्रगति सिद्धांत

ब-1 संगठन और सामूहिक मोलभाव की स्वतन्त्रता को पहचाना गया है।

ब-2 किसी तरह का भेदभाव नहीं हो।

ब-3 अच्छे काम के हालात/ अच्छी काम की परिस्थितियां रखी जाएं।

अ-कार्यस्थल में सुरक्षा ओर स्वास्थ्य

ब-वेतन

स-काम के घंटे

द-कठोर और अमानवीय व्यवहार नहीं हो।

ब-4 उत्पादन के नकारात्मक पर्यावरणीय प्रभावों को पहचाना गया और कम किया गया।

सभी उत्पादक देशों में कालीन उत्पादन श्रृंखला की वर्तमान दशा के आकलन के लिए गुडवीव लाइसेंसधारियों के साथ काम कर रही है,और क्षमता संवर्धन तथा तकनीकी सहायता के द्वारा सुधार के अवसर पता लगा रही है।

मानदण्डों का पूरा सेट प्रगति सिद्धांतों के साथ सूची-2 में शामिल है।

गुडवीव उत्पादकों की प्रगति सालाना तौर पर इस मानदण्ड के आधार पर परखेगी। साथ ही यह लक्ष्य भी रखेगी कि इसका भविष्य में प्रमाणीकरण के लिए और विस्तार किया जा सके।


 

गुडवीव जेनेरिक अन्तर्राष्ट्रीय मानक

 

सूची 1

 

सूची 1-बाल मजदूरी को रोकने और उपचारात्मक उपायों के लिए दिशा निर्देशन

गुडवीव प्रत्येक और सभी उत्पादन क्षेत्रों में बाल मजदूरी के प्रति किसी भी तरह बर्दाश्त न करने की नीति का पालन करती है क्योंकि यह यह बच्चे की पूरी वृद्धि और विकास के लिए हानिकारक है। लाइसेन्सधारी की एक खास जिम्मेदारी यह है कि वह काम की प्रमुख जगह और उपठेकेदारों के यहां न्यूनतम आयु की सीमा का पालन करे।

सभी बच्चों को शिक्षा का अधिकार है और उनको पूरे समय वाले औपचारिक स्कूल में जाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए। जो भी बच्चा स्कूल से बाहर है उसका बाल मजदूर बनने का खतरा है।

जहां बाल मजदूर पाए जाते हैं,वहां गुडवीव उत्पादकों के साथ मिलकर उस मामले से निबटने की कोशिश करता है और इस बात को सुनिश्चित करता है कि उचित उपचारात्मक उपायों के कदम उठाए जाएं जिनमें बच्चे को काम से हटाना और पुनर्वास उपलब्ध कराना और शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है ताकि वो दुबारा बाल मजदूरी में नहीं पड़े।

यह सब कुछ गुडवीव की बाल सुरक्षा नीति और बाल मजदूरी उपचारात्मक उपायों के अनुसार होगा।

यह खण्ड बाल मजदूरी पाए जाने पर उससे निबटने और रोकने के लिए किए जाने वाले कामों,कदमों और तरीकों के बारे में दिशा निर्देशन देता है। गुडवीव का लक्ष्य स्टेकहोल्डर और दूसरे स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर इस मानक के उददेश्यों को कार्यक्रमों के द्वारा पाने का है ताकि हाथों से बनने वाले गलीचे के उद्योग में बाल मजदूरी से निबटा जा सके।बाल मजदूरी पाए जाने पर गुडवीव के मानक की अनुपालना करने के लिए उत्पादक ही उपचारात्मक उपायों को सहयोग करने के लिए उत्तरदायी होगा, जो क्षेत्रीय स्थितियों और प्रत्येक बच्चे पर लागू होंगे।

निम्नलिखित कोई पूर्ण सूची नहीं है बल्कि बाल-मजदूरी-मुक्त कार्यस्थल पाने के लिए उत्पादक द्वारा लिए जाने वाले कामों की ओर इंगित करती है।

उत्पादकों के लिए कुछ बचाव और सुधार के उपायों के सुझाव

उत्पादक गुडवीव मानक के आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पूरी आपूर्ति श्रृंखला का एक पूर्ण,नवीनतम रिकार्ड रखें, गुडवीव मानक के अनुपालन के बारे में सूचना का प्रचार करे।

उत्पादक इस बात को सुनिश्चित करें कि उनकी खुद की और उनके सप्लायरों की काम की जगह के बारे में पूरी जानकारी हो और गुडवीव के मानक के सिद्धांतों को पालन हो, जिसमें न्यूनतम आयु, काम करने वालों के पूरे आंकड़े रखना (जिसमें सभी श्रमिक शामिल हों, प्रत्यक्ष रूप से काम करने वाले भी और किसी ठेकेदार के माध्यम से काम करने वाले भी) और वेतन व उपस्थिति और युवा श्रमिकों की जरूरतों का पूरे रिकार्ड रखना।

जब घरेलू काम करवाया जा रहा हो तो उत्पादक इस बात को सुनिश्चित करें कि ठेकेदार घरेलू श्रमिकों के सम्बन्ध में गुडवीव मानक की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जिम्मेवार होगा।

यदि आपूर्ति श्रृंखला में बाल मजदूरी का पता चलता है तो उत्पादक को 24 घंटों के अंदर गुडवीव के कार्यालय को बच्चे की स्थिति की सूचना देनी चाहिए ताकि तुरंत उपचारात्मक और पुनर्वास प्रक्रिया को चालू किया जा सके।

उत्पादक बच्चे का एक सामाजिक खाका बनाने में गुडवीव निरीक्षकों के साथ सहयोग करे जिसमें बच्चे की पृष्ठभूमि का विश्लेषण,उसके परिवार की पृष्ठभूमि और उसके गांव/क्षेत्र शामिल हों ताकि उपचारात्मक उपायों में सहायता हो सके।

उत्पादक बाल मजदूरी की पहचान और पुनर्वास,या गुडवीव मानक के किसी और प्रावधान से सम्बन्धित शिकायतों और उनके निबटारे का रिकार्ड रखें।

गुडवीव आपूर्ति श्रंखला की सभी उत्पादन सुविधाओं का निरीक्षण और निगरानी करता रहता है और जिसमें उपठेकेदारों का लगातार चलने वाले आकस्मिक,बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण शामिल है।

गुडवीव रोकथाम के लिए कार्यक्रम भी करता है जिसमें जागरुकता बढ़ाने और समुदाय-आधारित हस्तक्षेप के द्वारा बाल शिक्षा को बढ़ावा देने के कार्यक्रम होते हैं।जब बाल मजदूरी पायी जाती है तो गुडवीव बाल सुरक्षा नीति और बाल मजदूरी उपचारात्मक नीति का अनुसरण करता है (जो निम्न लिंक पर उपलब्ध है)

www.goodweave.org/about/governance/policies-and-procedures

गुडवीव के निरीक्षकों द्वारा बाल मजदूरी के पहचाने गए मामलों में उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों का संक्षिप्त वर्णन निम्नलिखित है।

गुडवीव द्वारा किए गए कुछ काम

गुडवीव हरेक बच्चे की स्थिति को व्यक्तिगत स्तर पर देखेगा ताकि बच्चे के हित में एक बेहतरीन कार्य योजना बनाई जा सके। उपचारात्मक प्रक्रिया में शामिल सभी पक्षों को बाल सुरक्षा नीति के अनुसार चलना होगा।

जब एक बाल मजदूर की पहचान होती है,तो उसे पुनर्वास और सम्बन्धित सहायता दी जाती है जैसे कपड़े,खाना,रहने की जगह और शिक्षा की सुविधाएं।

गुडवीव की पहली प्राथमिकता यह होती है कि बच्चों को उनके परिवार के पास लौटाया जाए और उनका पुनर्वास उनके अपने समुदाय में ही किया जाए।

गुडवीव इस बात को सुनिश्चित करता है कि बच्चों को काम से हटाने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं,जिसमें बच्चे को काम की जगह से हटाना (परिस्थिति के अनुसार),परामर्श और देखभाल उपलब्ध कराना,जहां तक संभव हो उन्हें उनके परिवार में लौटाना और उनको स्कूल जाने के लिए प्रोत्साहित करना और सहायता करना।

गुडवीव जहां तक संभव हो निरन्तर सहयोग करता है, खोज-खबर रखता है कि काम से हटाए गए बच्चे दुबारा काम पर न आ जाएं।

नागरिक संस्थाओं और स्थानीय एनजीओ और विभिन्न क्षेत्रीय सरकारी विभागों और सामुदायिक संचालक मंडलों के साथ सहयोग और सम्पर्क बनाया गया है।

गुडवीव इस बात को सुनिश्चित करता है कि बाल मजदूरी उपचारात्मक नीति के अनुसार गैरकानूनी तरीकों से या किसी और तरीके से दूसरी जगहों से लाये गए बच्चों को उचित पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए और उनको उनके परिवार से मिलाया जाए।

यदि उत्पादक मानक और सुधारात्मक उपायों की अनुपालना नहीं करते और/या गुडवीव के साथ बाल मजदूरी उपचारात्मक उपायों को अपनाने में सहयोग नहीं करते तो गुडवीव वर्तमान प्रमाणीकरण प्रक्रियाओं के अनुसार कई तरह की कार्यवाही करेगी जैसे खरीदारों को सूचना (निर्यातक और आयातक लाइसेन्सधारी), और लेबल प्रमाणीकरण को निरस्त तक किया जा सकता है,सूची से बाहर किया जा सकता है और/या रद्द किया जा सकता है।

सूची 2-प्रगति सिद्धांत और मानदण्ड

गुडवीव ने प्रगति सिद्धांतों को एक सेट विकसित किया है जो बुनकर समुदाय में जीवन में सुधार करके बाल मजदूरी के मूल कारण को दूर करने का प्रयास करता है।

जो वर्तमान में प्रमाणीकरण के क्षेत्र से बाहर हैं, लेकिन गुडवीव मानक के भविष्य के संस्करणों में उनकों शामिल करने का इच्छुक है।

आगे के पेजों में आने वाले मानदण्ड सूचना के उद्देश्य से शामिल किए गए हैं ताकि प्रगति सिद्धांतों के अंदर शामिल होने वाले मानदण्डों का संकेत मिल जाए।

इनको अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है और इसे प्रारम्भिक रूप देने के लिए गुडवीव उत्पादकों के साथ काम कर रही है और भविष्य में इन्हें प्रमाणीकरण में शामिल करने के मानदण्ड का आकलन व संशोधन कर रही है।

गुडवीव उत्पादकों की सुधार करने लायक क्षेत्रों की पहचान करके प्रगति का आकलन इन मानदण्डों के आधार पर करेगी।

प्रगति सिद्धांत

ब-1 संगठन बनाने और सामुहिक मोलभाव करने की स्वतन्त्रता को पहचाना जाए।

ब-2 किसी तरह का भेदभाव न हो।

ब-3 काम की परिस्थितियों सही हों।

अ-कार्यस्थल सुरक्षा और स्वास्थ्य

ब-वेतन

स-काम के घंटे

द-किसी प्रकार का कठोर या अमानवीय व्यवहार न हो।

ब-4 नकारात्मक पर्यावरणीय प्रभावों को पहचाना जाए और कम किया जाए।

प्रगति सिद्धांत ब-1

संगठन बनाने और सामूहिक मोलभाव करने की स्वतन्त्रता को पहचाना जाए

स्पष्टीकरण: सभी काम कम-से-कम सम्बन्धित आईएलओ मानक (सी87, सी98,सी135 और सी 154)और राष्ट्रीय कानून के अनुसार होने चाहिए। श्रमिक बिना किसी भेद के इस बात का अधिकार रखते हैं कि टेªड यूनियन के रूप में किसी संगठन में शामिल हो सके या नया बना सकें,और सामूहिक रूप से मोलभाव कर सकें।

उत्पादक इस बात को सुनिश्चित करे कि संगठनात्मक क्रियाओं में भाग लेने वाले ठीक तरह से चुने हुए श्रमिकों के प्रतिनिधियों और श्रमिकों के साथ कोई भेदभाव न हो और काम के स्थान पर प्रतिनिधि के रूप में अपने काम वो स्वतन्त्र रूप से कर सकें।

जहां यूनियन नहीं हैं,वहां श्रमिकों को श्रमिक कमेटी और शिकायत निवारण प्रकोष्ठ से सम्पर्क करने का अधिकार होगा, जो क्रियात्मक रूप से निम्नलिखित सिद्धातों का पालन करेंगे। यह पूर्वानुमान के अनुसार हो,निष्पक्ष,पारदर्शी और श्रमिकों के अधिकारों के अनुरूप हो।

प्रगति मानदण्ड

ब-1.1- उत्पादक को काम करने के वालो के संगठन (ट्रेड यूनियन या किसी और रूप में) और श्रमिकों के युनियन की गतिविधियों में भाग लेने के प्रति खुला दृष्टिकोण रखना चाहिए और श्रमिकों द्वारा स्वेच्छा से चुन कर शामिल हुए या बनाए हुए किसी भी संगठन के प्रति सकारात्मक व्यवहार रखना चाहिए।

ब-1.2-उत्पादक को यूनियन या श्रमिकों के किसी भी संगठन की पहुंच कार्य क्षेत्र तक रखने की अनुमति देनी होगी।

ब-1.3-आवश्यकता होने पर उत्पादक को यूनियन या किसी अन्य श्रमिक संगठनों के लिए बैठक की जगह उपलब्ध करानी होगी।

ब-1.4-घरेलू काम करने वाले श्रमिकों को खासतौर पर अपने लिए प्रतिनिधि चुनने का मौका देना होगा।

ब-1.5- जहां कहीं भी हों,संगठनात्मक गतिविधियों में भाग लेने वाले उचित ढंग से चुने हुए श्रमिकों के प्रतिनिधियों और श्रमिकों के खिलाफ कोई भेदभाव नहीं हो और वो काम की जगह पर प्रतिनिधि के रूप में अपना काम करने के लिए स्वतन्त्र हों।

ब-1.6- जहां यूनियन न हों,शिकायत निवारण की व्यवस्था या शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनाया जाए। श्रमिकों और उनके प्रतिनिधियों के लिए शिकायत निवारण प्रकोष्ठ तक पहुंचने और पहचाने जाने से बचाव की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।

ब-1.7- सामाजिक,शैक्षिक,आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए श्रमिकों की एक प्रतिनिधि कमेटी या श्रमिक/प्रबन्धन संघ हो।

प्रगति सिद्धांत:

किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा

स्पष्टीकरण: सभी कामों में कम-से-कम सम्बन्धित आईएलओ मानक (सी 100,सी 111,सी 156 और सी 183) और राष्ट्रीय कानून की अनुपालना की जाए।

उत्पादक भर्ती,वेतन,प्रशिक्षण,तरक्की में निम्नलिखित आधार पर किसी भी तरह के भेदभाव न तो करेगा न उसमें सहयोग करेगा:-

  •     नस्ल
  •     जाति
  •     मूल देश
  •     धर्म
  •     विकलांगता
  •     लिंग
  •     लैगिक रुझान
  •     यूनियन की सदस्यता
  •     राजनैतिक जुड़ाव
  •     आयु या
  •     अन्य किसी आधार पर जो राष्ट्रीय कानून या सामूहिक समझौते में उपलब्ध हों।

जहां प्रवासियों को कानूनी रूप से काम करने की अनुमति है वहां उत्पादक प्रवासी श्रमिकों से किसी तरह का भेदभाव नहीं करेंगे।

श्रमिकों की धर्म,विकलांगता,लिंग या यूनियन सम्बन्धित जरूरतों के प्रति उत्पादक का रवैया सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए।

सभी तरह के यौन या किसी अन्य तरह के उत्पीड़न, महिलाओं या अन्य किसी तरह के रक्षित वर्ग के खिलाफ शारीरिक या मानसिक दुव्र्यवहार का निषेध है।

महिला श्रमिकों को पूरे वेतन के साथ मातृत्व अवकाश मिलना चाहिए।

इसमें राष्ट्रीय कानून का पालन होना चाहिए लेकिन ये कम-से-कम 12 सप्ताह का होना चाहिए। किसी भी गर्भवती श्रमिक को कोई भी काम जो उसके लिए हानिकारक हो मातृत्व अवकाश से पहले नहीं दिया जाए, और कोई भी महिला सिर्फ गर्भवती होने के कारण काम से नहीं निकाली जाए।

 

प्रगति मानदण्ड

 

ब-2.1- उत्पादकों के पास भर्ती, नियुक्ति शर्तें और अनुशासनात्मक कार्यवाही के बारे में लिखित नीति होनी चाहिए।

 

ब-2.2- उत्पाद क सुनिश्चित करें कि किसी भी रक्षित वर्ग के साथ नस्ल,जाति,इलाके,राष्ट्रीयता,धर्म,विकलांगता,लिंग या लैगिक रुझान के आधार पर भेदभाव नहीं हो।

 

ब-2.3- श्रमिकों के समान व्यवहार और समान की अवसर की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।

 

ब-2.4- उत्पादक को कंपनी में विभिन्न स्तरों पर वंचित समूहों की भागीदारी बढ़ाने को बढ़ावा देना चाहिए।

 

ब-2.5- जहां प्रासंगिक हो वहां विकलांग श्रमिकों को उचित आवास उपलब्ध कराना चाहिए।

 

ब-2.6- गर्भवती महिला श्रमिकों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ठीक ढंग से व्यवस्था होनी चाहिए।

 

इसमें मातृत्व अवकाश,गर्भावस्था के दौरान किए जा सकने वाले कामों की जानकारी और गर्भावस्था के दौरान काम की सुरक्षा शामिल है।

 

प्रगति सिद्धांत ब-3

 

काम की परिस्थितियां ठीक हों-

 

ब-3.अ- काम की जगह पर सुरक्षा व स्वास्थ्य

 

स्पष्टीकरण: सभी काम कम-से-कम सम्बन्धित आईएलओ मानक (सी 155, सी170 और सी187)और राष्ट्रीय कानूनों के अनुसार हों।

 

उत्पादक को एक सुरक्षित और स्वस्थ काम का माहौल उपलब्ध कराना चाहिए (परामर्श के बाद गुडवीव यह निश्चित करेगा कि कौन-सी परिस्थितियां इन जरूरतों को पूरा करती हैं।) प्रबन्धन टीम रोजगार स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए उत्तरदायी होगी जिसमें कम-से-कम निम्नलिखित बातें शामिल होंगी:-

 

काम की जगह पर खतरों को पहचानने और उससे निबटने के लिए काम की जगह के अनुसार खतरे का आकलन।

 

काम की शारीरिक जरूरतें सम्बन्धित व्यक्ति की आयु और ताकत के अनुसार होनी चाहिए।

 

उत्पादक को सुनिश्चित करना होगा कि सभी श्रमिकों को कार्य स्थल के लिए उपयुक्त स्वास्थ्य और सुरक्षा,काम की जगह पर संभावित खतरों और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का प्रशिक्षण दिया जाए।

 

जहां जरूरी हो उत्पादक को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना चाहिए (जैसे गंदे पानी,जहरीली डाई या रसायनों में काम करने वाले,या खतरनाक मशीनें चलाने वाले)

 

अगर श्रमिकों को रहने की जगह दी जा रही है तो सुरक्षा और स्वास्थ्य के मानदण्ड रहने की जगह पर भी लागू होने चाहिए, और यह सुरक्षित, स्वच्छ और फैक्टरी या उत्पादन क्षेत्र या सामान के गोदाम से अलग होना चाहिए।

 

प्रगति सिद्धांत

 

ब-3.अ.1- फैक्टरी का फर्श साफ और व्यवस्थित हो।

 

ब-3.अ.2- काम के घंटों के दौरान गलियारे और निकास उपलब्ध हों और उनको निर्बाध/खाली रखा जाए।

 

ब-3.अ.3-यदि उत्पादक श्रमिकों को रहने के क्वार्टर उपलब्ध करा रहा है तो भवन के हालात और सुविधाएं ऐसी होनी चाहिए कि स्वास्थ्य और सुरक्षा, शालीनता, निजता और सुरक्षा बनी रहे।

 

ब-3.अ.4- रहने के क्वार्टरों (अगर दिए गए हों) और काम की जगहों में उचित फायर एलार्म और सुरक्षित खाली करने की व्यवस्था होनी चाहिए।सभी श्रमिकों और प्रबन्धन को अग्नि सुरक्षा का प्रशिक्षण उपलब्ध होना चाहिए।

 

ब-3.अ.5- सभी श्रमिकों के लिए पीने योग्य पानी और साफ टायलेट की सुविधा हो और जब जरूरत पड़े श्रमिक काम की जगह और रहने के क्वार्टरों में इसका इस्तेमाल कर सकें।

 

ब-3.अ.6- फैक्टरी द्वारा व्यवसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए उठाए गए उपायों के बारे में श्रमिकों को जानकारी और निर्देश देने चाहिए और ताकि सुरक्षा और स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए सबका सहयोग मिलता रहे।

 

ब-3.अ.7- व्यवसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के उत्तरदायित्व के लिए एक प्रबंधक की नियुक्ति हो।

 

ब-3.अ.8- उत्पादक हानिकारक पदार्थों से सम्पर्क को कम करने के लिए इनका उत्पादन प्रक्रिया में कम इस्तेमाल करे और ऐसे व्यक्ति सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जो किए जा रहे काम के लिए उपयुक्त हों,ठीक से चुने गए हों, संभाल कर रखे गए हों ओर उनके इस्तेमाल पर निगरानी रखी जाए।

 

ब-3.अ.9- जरूरी प्राथमिक चिकित्सा के प्रावधान ठीक से हों।

 

ब-3.अ.10- लाइसेन्सधारी और/या ठेकेदार के पास एक कार्यक्रम होना चाहिए या उसे गुडवीव के साथ घरेलू श्रमिकों को गलीचा उद्योग में कार्य क्षेत्र के लिए उपयुक्त सभावित खतरों को पहचानने और घटानेे, सुरक्षित कार्यभार और स्वास्थ्य व सुरक्षा पर नियमित प्रशिक्षण देने में सहयोग करना चाहिए।

 

ब-3.ब-वेतन

 

स्पष्टीकरण: सब कुछ कम-से-कम सम्बन्धित आईएलओ मानक (सी 95 और सी 131)और राष्ट्रीय कानून के अनुसार होगा। वेतन और लाभ कम-से-कम राष्ट्रीय कानूनी मानकों या उद्योग के बेंचमार्क मानकों,जो भी ज्यादा हों के अनुसार होने चाहिए। किसी भी दशा में वेतन बुनियादी जरूरतों के लिए पर्याप्त हो और कुछ विवेकपूर्ण/उचित आय हो।

 

वेतन और लाभों का भुगतान होना चाहिए और सभी लागू होने वाले कानूनों के अनुसार होना चाहिए,नियमित रूप से और उत्पादक और श्रमिक दोनों के लिए अनुकूल ढंग से होना चाहिए।

 

प्रगति मानदण्ड

 

ब-3.ब.1-सभी वेतन और वेतन और लाभ स्थानीय कानूनी बाध्यता के न्यूनतम स्तर जितने या उससे अधिक होने चाहिए।

 

यदि स्थानीय तौर पर लागू न्यूनतम वेतन उस स्थान और/या उद्योग के लिए परिकलित किए गए जरूरत पूरी करने लायक वेतन से कम हो तो वेतन जरूरत पूरी करने लायक वेतन के स्तर का हो।

 

यह गुडवीव द्वारा उपलब्ध कराए हुए दिशा-निर्देशन के अनुसार हो जिसकी आवश्यक वेतन के बेहतरीन पैमाने के अनुसार नियमित रूप से समीक्षा की जाए और संशोधित जाए।

 

ब-3.ब.2- वेतन और लाभों जैसे प्राविडेंट और राज्य बीमा का रिकार्ड रखने की उचित व्यवस्था हो जिसमें घरेलू अनुबन्धित श्रमिक भी हों। जहां टुकड़ों के मूल्य के आधार पर श्रमिक नियुक्त हों, वहां वेतन के रिकार्ड टुकड़ों के आधार पर रखा जाए और यह भी बताया जाए कि काम के समय से इसकी तुलना कैसे की जाती है।

 

ब-3.ब.3- यह बताने की सुविधा होनी चाहिए कि टुकड़े की दर कैसे निश्चित की गयी है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि टुकड़ों की दर के हिसाब से काम करने वाला श्रमिक कानूनी काम के घंटों के दौरान न्यूनतम आवश्यक वेतन से कम नहीं कमाए।

 

ब-3.ब.4- उपस्थिति/वेतन/उत्पादन की लिखित सूचना होनी चाहिए।

 

ब-3.ब.5- भुगतान सीधा श्रमिक को किया जाए या घरेलू ठेकेदार को भुगतान किए जाने की स्थिति में फैक्टरी के प्रतिनिधि द्वारा उस पर निगाह रखी जाए।

 

ब-3.ब.6- वेतन की गणना श्रमिक को दी जाए (वेतन पर्ची के रूप में)

 

स्पष्टीकरण (जारी)- सभी श्रमिकों को नियुक्ति के नियम व शर्तों के आधार पर भर्ती किया जाए और जहां तक संभव हो लिखित रूप में नियुक्ति समझौता किया जाए जो कानूनी रूप से बाध्यकारी हो।

 

श्रमिकों को ओवरटाइम,आराम के दिनों और सार्वजनिक अवकाश दिनों में काम के लिए पारितोषिक मिलना चाहिए।

 

जहां उत्पादक द्वारा भविष्य के वेतन के अग्रिम भुगतान के रूप में कर्ज दिया गया हो वहां उसकी वापिसी के लिए वेतन में कटौती इस स्तर पर रखी जाए कि श्रमिक को किसी तरह की कठिनाई न हो।

 

सभी श्रमिकों को,चाहे किसी भी प्रकार का नियुक्ति सम्बन्ध हो, समान वेतन और अनुभव, उत्पादकता और अतिरिक्त उत्तरदायित्व को ध्यान में रखते हुए समान रूप से आंक कर लाभ मिलने चाहिए।

 

श्रमिकों के प्रति श्रम और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े हुए कानूनों की बाध्यता या बाल मजदूरी कानून से बचने के लिए अल्पकालीन अनुबंध व्यवस्था और झूठी प्रशिक्षण भत्ता योजनाएं नहीं होनी चाहिए।

 

अनुबंध को छोटे अंतराल में तोड़ देने से अनुबंध वरिष्ठता के लिए बाधित नहीं होता और इसे नियुक्ति की निरंतरता ही मानना चाहिए। यदि श्रमिकों को रहने के लिए घर दिया जाता है तो स्थानीय दरों की तुलना में ही होना चाहिए।

 

प्रगति मानदण्ड:

 

ब-3.ब.7-श्रमिकों के साथ उत्पादक का नियुक्ति के नियम व शर्तों के बारे में जो समझौता हो उसमें वेतन से सम्बन्धित नियुक्ति की परिस्थितियों की जानकारी आसानी से समझ आने वाली हो।

 

ब-3.ब.8- नियुक्ति के तीन दिन के भीतर श्रमिक को कानूनी रूप से बाध्यकारी नियुक्ति समझौता मिल जाना चाहिए।

 

ब-3.ब.9- उत्पादक के श्रमिक के साथ नियुक्ति के नियम व शर्तों के समझौते में ओवरटाइम काम के बारे में जानकारी हो जिसे श्रमिक समझ सके।

 

ब-3.ब.10- वेतन का रिकार्ड रखा जाए,जिसमें जहां जरूरत हो यह प्रदर्शित किया जाए कि ओवरटाइम करनें,अवकाश के दिनों में काम करने और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में काम करने के दौरान पारितोषिक की क्या दर है।

 

ब-3.ब.11- उत्पादक के श्रमिकों के साथ नियुक्ति के नियम व शर्तों के समझौते में कर्ज व अग्रिम भुगतान के सम्बन्ध में जानकारी हो जो श्रमिकों को समझ आ सके।

 

ब-3.ब.12- कर्ज के समझौते को ब्याज प्रतिशत के साथ वर्णित और हस्ताक्षरित किया जाए और नियमित तौर पर श्रमिकों को बकाए के बारे में रिपोर्ट दी जाए।

 

ब-3.ब.13- घरेलू श्रमिक और प्रत्यक्ष उत्पादक के बीच एक औपचारिक बुनियादी समझौता हो और घरेलू श्रमिक को उपलब्ध कराया जाए।

 

ब-3.ब.14- प्रशिक्षण भत्ते के नियम व शर्तें के बारे में साफ-साफ जानकारी होनी चाहिए और इस रूप में उपलब्ध करायी जानी चाहिए कि श्रमिक समझ सके।            

 

ब-3.ब.15- नियमित नियुक्ति की कानूनी बाध्यता से बचने के लिए बार-बार छोटी अवधि के अनुबंध के आधार पर नियुक्ति नहीं की जाए।

 

ब-3.ब.16- आवास की दर स्थानीय दरों के अनुसार है यह दिखाने के लिए रिकार्ड उपलब्ध होने चाहिए।

 

ब-3.स-काम के घंटे

 

स्पष्टीकरण: सब कुछ कम-से-कम सम्बन्धित आईएलओ मानक (सी1, सी14,सी 30,सी 89 व सी90) और राष्ट्रीय कानून का पालन करते हुए होगा। काम के घंटे जो कानून लागू हो उसके अनुसार हो और नियमित रूप से सप्ताह में 48 घंटों से ज्यादा नहीं हो। ओवरटाइम स्वैच्छिक होना चाहिए और एक सप्ताह में 12 घंटे से ज्यादा नहीं होना चाहिए,सिवाय अपवादस्वरूप स्थितियों को छोड़ कर।

 

इसकी नियमित तौर पर आवश्यकता नहीं होनी चाहिए और इसके लिए हमेशा एक बेहतर पारितोषिक मिलना चाहिए।

 

श्रमिक बिना किसी जुर्माने के ओवरटाइम से इंकार करने के लिए स्वतन्त्र हैं। छोटी अवधि की व्यापारिक जरूरत पूरी करने के लिए होने वाले ओवरटाइम को सामुहिक समझौते द्वारा बढ़ाया जा सकता है। सात दिन में एक बार श्रमिकों को एक दिन की छुट्टी मिलनी चाहिए। इनको जमा किया जा सकता है और एक साथ लिया जा सकता है यदि राष्ट्रीय कानून में इसकी इजाजत हो या कानून की जरूरत न होने पर नियोक्ता ओर श्रमिक के बीच समझौता में सहमति हो।

 

एक ही उत्पादक के पास निरन्तर सेवा की एक अवधि बीत जाने पर श्रमिकों को पूरे वेतन के साथ सालाना छुट्टी/अवकाश लेने का अधिकार होगा।

 

निरन्तर सेवा की आवश्यक अवधि और सालाना छुट्टी/अवकाश की अवधि राष्ट्रीय कानून से अथवा सामुहिक समझौते से तय होगी।

 

सालाना छुट्टी/अवकाश सार्वजनिक अवकाश, साप्ताहिक छुट्टी/अवकाश और बीमारी या दुर्घटना के कारण अनुपस्थिति के अलावा होगा।

 

काम करने वाली महिलाएं जो अपने बच्चे को दूध पिलाती हैं उन्हें अपने बच्चे को दूध पिलाने के लिए नियमित रूप से छोटी-छोटी अवधि के लिए काम से छुट्टी लेने की अनुमति होगी।

 

प्रगति सिद्धांत

 

ब-3.स.1- उत्पादक का श्रमिकों के साथ नियुक्ति के नियम व शर्तों को लेकर जो समझौता होगा उसमें काम के बारे में जानकारी हो।

 

ब-3.स.3-रोज की उपस्थिति और काम के घंटों का सही रिकार्ड इस ढंग से रखा जाए कि उसकी जांच की जा सके।

 

ब-3.स.4- फैक्टरी की काम के घंटो की जो समय-सारणी बनायी जाए,चाहे निश्चित घंटों के लिए हो या काम के अनुसार बदलते हुएवह काम करने वालों को मंजूर होनी चाहिए और काम करने वालों को कानूनी सीमा से अधिक फैक्टरी में रहने के लिए बाध्य न किया जाए।

 

ब-3.स.5- नियमित काम के घंटे राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय सीमा के अनुसार होने चाहिए और नियमित रूप से सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा नहीं होने चाहिए।

 

ब-3.स.6- ओवरटाइम स्वैच्छिक होना चाहिए और विशेष परिस्थितियों को छोड़कर सप्ताह में 12 घंटे से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

 

ब-3.स.7- उत्पादक के श्रमिकों के साथ नियुक्ति के नियम व शर्तों में ओवरटाइम के बारे में जानकारी हो।

 

ब-3.स.8- सालाना अवकाश राष्ट्रीय कानून या सामूहिक मोलभाव समझौते के अनुसार हो।

 

ब-3.द-कठोर या अमानवीय व्यवहार नहीं हो।

 

स्पष्टीकरण: सब कुछ कम-से-कम सम्बन्धित आईएलओ मानक (सी29, सी105, और सी158)और राष्ट्रीय कानून के अनुसार हो। शारीरिक उत्पीडन की धमकी,काम की जगह पर महिलाओं,युवा श्रमिकों और अन्य रक्षित वर्गों के खिलाफ हिंसा, यौन या किसी अन्य प्रकार का उत्पीड़न, मौखिक गाली-गलौज या किसी अन्य प्रकार की धमकी का निषेध है। अनुशासनात्मक कार्यवाही या बर्खास्तगी की वजह साफ-साफ वर्णित होनी चाहिए। अनुशासनात्मक व्यवस्था सुधारवादी होनी चाहिए न कि दण्डात्मक।

 

उत्पादक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अनुशासनात्मक उद्देश्य से वेतन में कटौती न की जाए।

 

प्रगति सिद्धांत

 

ब-3.द.1- शारीरिक प्रताणना,और यौन व अन्य उत्पीड़नों से कैसे निबटा जाए इस बारे में एक लिखित नीति हो।

 

ब-3.द.2- शिकायतों के निबटारे के लिए एक औपचारिक व्यवस्था हो, इसके साथ ही गुप्त रूप से शिकायत करने का तरीका होना चाहिए जिसमें बिना किसी नाम के शिकायत करना शामिल हो।

 

ब-3.द.3- अनुशासनात्मक प्रक्रिया साफ-साफ सहमति के अनुसार होनी चाहिए और श्रमिकों के कठोर व्यवहार और आर्थिक जुर्माने से बचाव के अधिकार के अनुसार होनी चाहिए।

 

ब-3.द.4- अनुचित अनुशासनात्मक कार्यवाही को रोकने के लिए एक स्पष्ट नीति और व्यवस्था होनी चाहिए जो भेदभाव न होने देने के सिद्धांत के अनुरूप हो।

 

ब-3.द.4-ये नीतियां और प्रक्रियाएं पूरे प्रबन्धन और श्रमिकों को बता देनी चाहिए और इन नीतियों के समर्थन का पूरा रिकाॅर्ड ठीक ढंग से रखा जाए।

 

प्रगति सिद्धांत ब-4-

 

उत्पादन के नकारात्मक पर्यावरणीय प्रभाव पहचाने जाएं और कम किए जाएं

 

स्पष्टीकरण: उत्पादन के पर्यावरणीय प्रभाव कम-से-कम राष्ट्रीय नियमों के अनुसार होने चाहिए। प्रक्रियाएं पर्यावरण की दृष्टि से ठीक होनी चाहिए और उत्पादन के सभी स्तरों पर संवहनीय तरीकों को समर्थन दिया जाए।

 

इसके साथ:-

 

उत्पादन प्रक्रिया में हानिकारक विलायकों और रंगों का कम-से-कम इस्तेमाल हो।

 

उत्पादन प्रक्रिया में ऊर्जा का इस्तेमाल और अवशिष्ट का उत्पादन कम-से-कम हो।

 

उत्पादक को पर्यावरण प्रशिक्षण देना चाहिए ताकि श्रमिकों को गलीचा निर्माण के नकारात्मक पर्यावरणीय प्रभावों की समझ पैदा हो सके।

 

काम की जगह के अनुरूप एक पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन होना चाहिए, जिसके आधार पर एक पर्यावरण प्रबन्धन व्यवस्था बनायी जा सके। पर्यावरण के प्रभाव की नियमित रूप से निगरानी की जाए ओर लक्ष्य निर्धारित किया जाए।

 

ब-4.1- उत्पादक को पर्यावरणीय प्रभावों पर राष्ट्रीय प्रावधानों की जानकारी होनी चाहिए।

 

ब-4.2- काम की जगह साफ और व्यवस्थित होनी चाहिए जिसमें उचित पृथक्करण और अवशिष्ट पदार्थों की निबटारे की व्यवस्था होनी चाहिए।

 

ब-4.3- बाहर निकलने वाले पदार्थों का स्तर राष्ट्रीय पर्यावरण नियामन के अनुसार हो और अन्दरूनी स्तर पर ही प्रक्रिया नियन्त्रण हो।

 

ब-4.4- सुधारों में सभी पर्यावरणीय प्रभाव शामिल हों और इसमें कम-से-कम निम्नलिखित हों:-

 

ऊर्जा का न्यूनतम इस्तेमाल,श्रोतों और पानी के इस्तेमाल को कम-से-कम करना और रिसाइकिल करना,अवशिष्ट पदार्थों में कमी लाना और जिम्मेदारीपूर्ण ढंग से अवशिष्ट पदार्थों का निबटारा करना।

 

ब-4.5- पर्यावरणीय सुधारों के लिए एक पूर्वसक्रिय तरीका प्रस्तुत ओर प्रोत्साहित किया जाए (जैसे नवीकरण ऊर्जा, बेहतर छन्नीकरण, रसायनिक मापन आदि)

 

जिसमें श्रमिकों का प्रशिक्षण भी शामिल हो।

 

ब-4.6- एजो डाई इस्तेमाल न की जाए।

 

ब-4.7- इस्तेमाल किए जाने वाले सभी रसायनों की सूची बनाई जाए और पदार्थ सुरक्षा डेटा सूचना प्रपत्र उपलब्ध कराया जाए।

 

ब-4.8- गलीचा निर्माण में प्रयोग होने वाले सामग्री और प्रक्रिया की सूची बनाई जाए और सभी सामग्री को उस पदार्थ के प्रकार के अनुरूप ही उसका भंडारण किया जाए

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isealISEAL is the global association for sustainability standards : ISEAL Alliance Code of Good Practice. The four goals of ISEAL Alliance are to:
1. Improve the impacts of standards
2. Define credibility for sustainability standards
3. Increase the uptake of credible sustainability standards
4. Improve the effectiveness of standards